महाकवि विद्यापति
अपरूप के कवि की कालजयी साहित्यिक यात्रा
विद्यापति मिथिला की साहित्यिक और सांस्कृतिक परंपरा के महान कवियों में गिने जाते हैं। उनकी रचनाओं में प्रेम, भक्ति, दर्शन और लोकजीवन का गहरा स्वर मिलता है। संस्कृत और जनभाषा पर उनकी अद्भुत पकड़ ने उनके साहित्य को विशिष्ट पहचान दी। उनकी रचनात्मक विरासत आज भी भारतीय साहित्य और मिथिला की सांस्कृतिक स्मृति में जीवित है।
